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बचà¥à¤šà¥‡ को जà¥à¤•ाम और फà¥à¤²à¥‚ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत देने के लिठ10 सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ घरेलू उपाय
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और फà¥à¤²à¥‚ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत दिलाने के लिठइन सौमà¥à¤¯, असरकारक और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ घरेलू उपचारों को आजमा सकती हैं। हालांकि, इनमें से कोई à¤à¥€ उपाय बचà¥à¤šà¥‡ की बीमारी को दूर नहीं करेगा, मगर उसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कà¥à¤› राहत अवशà¥à¤¯ देगा, जिससे वह बेहतर महसूस कर सके।
1. à¤à¤°à¤ªà¥‚र आराम (सà¤à¥€ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने के लिठकाफी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरà¥à¤°à¤¤ पड़ती है, इसलिठआपका शिशॠकाफी थका-थका हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में आराम करने से शिशॠको उसकी खोई हà¥à¤ˆ ऊरà¥à¤œà¤¾ वापिस मिलती है।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं कि तनाव का à¤à¥€ बीमारी पर काफी असर पड़ता है। इसलिठअगर आपका शिशॠसà¥à¤•ूल या दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की वजह से या फिर घर में किसी चीज को लेकर दबाव में है, तो बेहतर होगा उसे इन सबसे थोड़ी राहत दी जाà¤à¥¤ शायद इससे उसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° में मदद मिल सके।
अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ पूरे दिन बिसà¥à¤¤à¤° पर आराम करना नहीं चाहता, तो उसके आसपास का माहौल बदलने से मदद मिल सकती है। अगर, मौसम अचà¥à¤›à¤¾ हो, तो अपने घर के लॉन या बगीचे या फिर बालकनी में बचà¥à¤šà¥‡ के विशà¥à¤°à¤¾à¤® के लिठआरामदायक जगह बना दें। हालांकि, कà¤à¥€ à¤à¥€ शिशॠको अकेला न छोड़े।
घर के अंदर, पलंग की बजाय आराम करने के लिठऔर अधिक मनोरंजक सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ तैयार कर सकती हैं। इसके लिठआप डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚ग रूम में टैंट लगा सकती हैं या अपने पास ही आरामदेह जगह बना सकती हैं।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ आराम न कर पा रहा हो, तो आप उसे अपने पास चिपटाकर साथ में किताबें à¤à¥€ पढ़ सकती हैं। उसे कà¥à¤› कविताà¤à¤‚ या कहानियां सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚।
2. à¤à¤¾à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ हवा (सà¤à¥€ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
नमीयà¥à¤•à¥à¤¤ या आरà¥à¤¦à¥à¤° हवा सांस के जरिये अंदर लेने से नाक में जमा शà¥à¤²à¥‡à¤® (मà¥à¤¯à¥‚कस) ढीला होने में मदद मिलती है। गरà¥à¤® पानी से सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को आराम मिलेगा।
अगर आप चाहें तो कमरे की हवा को नम बनाने के लिठहà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। या फिर आप वाषà¥à¤ª यंतà¥à¤° (सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¤°) या कूल मिसà¥à¤Ÿ वेपोराइजर खरीद सकती हैं। हालांकि, हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर काफी लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो रहे हैं, फिर à¤à¥€ कà¥à¤› कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में इतनी आसानी से उपलबà¥à¤§ नहीं हैं। आप इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आॅनलाइन या फिर बिजली के उपकरणों की किसी विशेष दà¥à¤•ान से खरीद सकती हैं।
अगर आप हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करती हैं, तो इसे समय-समय पर निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ के दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° साफ करती रहें। हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर में फफूंद जमा हो सकती है, और अगर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समय पर साफ नहीं किया जाà¤, तो यह फफूंद à¤à¥€ हवा में सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ हो जाती है।
सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¤° काफी किफायती होते हैं और बाजार में व आॅनलाइन आसानी से उपलबà¥à¤§ होते हैं। चेहरे के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाने वाले सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¤° (फेशियल सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¤°) à¤à¥€ हवा में नमी बनाने में काम आ सकते हैं।
वायॠमें नमी के लिठआपको हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर, कूल मिसà¥à¤Ÿ वेपोराइजर या सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¤° को शिशॠके कमरे में चालू करके रखना होगा। à¤à¤¸à¤¾ आप तब कर सकती हैं, जब बचà¥à¤šà¤¾ सो रहा हो, आराम कर रहा हो या खेल रहा हो। जैसे-जैसे हवा में आरà¥à¤¦à¥à¤°à¤¤à¤¾ बढ़ेगी, बचà¥à¤šà¥‡ को सांस लेने में आसानी होगी।
अगर, आपके पास ऊपर बताठगठà¤à¤• à¤à¥€ उपकरण नहीं हैं, तो इसका à¤à¤• सरल उपाय यह à¤à¥€ है कि आप बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¾à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ बाथरूम में ले जाà¤à¤‚, ताकि वह वहां सांस ले। शावर से गरà¥à¤® पानी निकलने दें और बाथरूम का दरवाजा बंद कर दें। दरवाजे के नीचे हवा के बाहर जाने का कोई सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ हो, तो उसे तौलिये से ढक दें।
बचà¥à¤šà¥‡ के साथ à¤à¤¾à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ बाथरूम में करीब 15 मिनट तक रहें। शिशॠके लिठबाथरूम में रहना रà¥à¤šà¤¿à¤•र बनाने के लिठआप अंदर कà¥à¤› खिलौने या पानी में न à¤à¥€à¤—ने वाली (वाटरपà¥à¤°à¥‚फ) किताबें à¤à¥€ ले जा सकती हैं।
आप शिशॠको à¤à¤¾à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ बाथरूम में हलà¥à¤•े गरà¥à¤® पानी से नहला à¤à¥€ सकती हैं। अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा है, तो नहाते हà¥à¤ अपनी मरà¥à¤œà¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खेलने दें, बस आप उस पर नजर रखें। à¤à¤¾à¤ª से उसकी बंद नाक खà¥à¤²à¤¨à¥‡ में मदद मिलेगी।
नहाने के पानी (या वेपोराइजर/सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¤° में) पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ का सतà¥à¤¤ (मेंथॉल), नीलगिरी (यूकेलिपà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸) या पाइन तेल की कà¥à¤› बूंदे डालने से à¤à¥€ फायदा हो सकता है। ये तेल अधिकांश पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक खादà¥à¤¯ दà¥à¤•ानों पर उपलबà¥à¤§ हैं।
à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤
अगर आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¾à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ बाथरूम में रखती हैं, तो उसके कपड़े नम या सीले से हो सकते हैं। इसलिठबेहतर है कि बाथरूम से बाहर निकलने के बाद तà¥à¤°à¤‚त उसे सूखे कपड़े पहना दें, ताकि उसे ठंड न लगे।
अगर आप सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¤°, फेशियल सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¤° या हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करती हैं, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤¾à¤ª के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पास न आà¤à¥¤ à¤à¤¾à¤ª से à¤à¥€ उतनी ही बà¥à¤°à¥€ तरह जल सकते हैं, जितना की गरà¥à¤® पानी से।
सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¤¿à¤¤ यही है कि वायॠको नम करने वाले उपकरण को शिशॠकी पहà¥à¤‚च से दूर रखा जाà¤à¥¤ मगर, इसे à¤à¤¸à¥€ जगह रखें, जहां से à¤à¤¾à¤ª पूरे कमरे में फैल सके।
3. बलà¥à¤¬ सिरिंज (शिशà¥à¤“ं के लिठउतà¥à¤¤à¤®) और नाक में डालने वाली लवणयà¥à¤•à¥à¤¤ (सैलाइन वाटर) पानी की बूंदें
छोटे शिशॠअपनी नाक छिनकना नहीं जानते। इसलिठबलà¥à¤¬ सिरिंज के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से शिशà¥à¤“ं की नाक से शà¥à¤²à¥‡à¤® (मà¥à¤¯à¥‚कस) निकाला जा सकता है।
अगर, बंद नाक की वजह से शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने या बोतल से दूध पीने में à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रही हो, तो यह सिरिंज काफी मददगार हो सकती है। शिशॠको दूध पिलाने से 15 मिनट पहले इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
वैसे तो बलà¥à¤¬ सिरिंज छोटे शिशà¥à¤“ं के लिठà¤à¤•दम उचित होती है, मगर यदि आपके बड़े बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ इसके इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से परेशानी नहीं है, तो उसके लिठà¤à¥€ इसे काम में लिया जा सकता है।
आप बलà¥à¤¬ सिरिंज और नाक में डालने वाले लवणयà¥à¤•à¥à¤¤ पानी (सैलाइन वाटर) की बूंदे, दवाई की दà¥à¤•ान से खरीद सकती हैं। आप घर पर à¤à¥€ यह सैलाइन वाटर तैयार कर सकती हैं। इसके लिà¤, उबालकर ठंडे किठगठà¤à¤• कप पानी में आधा छोटी चमà¥à¤®à¤š नमक घोल लें। रोजाना ताजा पानी तैयार करें और इसे ढकà¥à¤•न वाले कांच के साफ जार में रखें, ताकि कीटाणॠइस तक न पहà¥à¤‚च पाà¤à¤‚।
बलà¥à¤¬ सिरिंज के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के लिठशिशॠका सिर पीछे की तरफ करें और सैलाइन वाटर की 10 से 20 बूंदें à¤à¤•-à¤à¤• नथूनों में डालें। इससे नाक में जमा शà¥à¤²à¥‡à¤® पतला व ढीला हो सकेगा। नमक के पानी की बूंदे डालने के बाद करीब 10 सैकंड तक शिशॠका सिर पीछे की तरफ ही रखें।
जब नमक के पानी से शà¥à¤²à¥‡à¤® ढीला पड़ जाà¤, तो बलà¥à¤¬ सिरिंज के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से इसे बाहर खींच लें। सिरिंज के बलà¥à¤¬ को दबाà¤à¤‚ और इसके बाद रबड़ वाले अगà¥à¤°à¤à¤¾à¤— (टिप) को हलà¥à¤•े से शिशॠके नथà¥à¤¨à¥‡ में डालें। फिर धीरे-धीरे बलà¥à¤¬ को दबाना छोड़ें ताकि शà¥à¤²à¥‡à¤® इकटà¥à¤ ा हो सके।
सिरिंज को दूसरे नथà¥à¤¨à¥‡ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले इसमें फंसे शà¥à¤²à¥‡à¤® को बलà¥à¤¬ दबाकर सिंक या टिशà¥à¤¯à¥‚ में निकाल दें। इसे दूसरे नथà¥à¤¨à¥‡ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले उबालकर ठंडे किठगठपानी के कटोरे में डालकर साफ कर लें।
अगर, आपके शिशॠको सिरिंज से परेशानी हो, तो सैलाइन वाटर की बूंदें डालें और फिर नथà¥à¤¨à¥‹à¤‚ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को रà¥à¤ˆ के फोहे या रà¥à¤®à¤¾à¤² से सौमà¥à¤¯à¤¤à¤¾ से पौंछें। यदि शिशॠके नाक के बाहरी किनारे पर शà¥à¤²à¥‡à¤® सूख गया है, तो रà¥à¤ˆ के फाहे या मलमल के मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कपड़े में बेबी आॅयल या पैटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® जैली लगाकर हलà¥à¤•े से पौंछकर साफ करें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बिना पूछे शिशॠकी नाक के अंदर कोई तेल, कà¥à¤°à¥€à¤® या अनà¥à¤¯ नेज़ल डॉपà¥à¤¸ न डालें।
à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤
यदि आप यह तरीका आजमाना चाहे, तो पहले​ शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात कर लें। वे आपको दिखाà¤à¤‚गी कि बलà¥à¤¬ सिरिंज को इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने का सही तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है, ताकि शिशॠकी नेज़ल कैविटी को कोई चोट न पहà¥à¤‚चे।
à¤à¤• दिन में अगर कà¥à¤› बार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बलà¥à¤¬ सिरिंज से शà¥à¤²à¥‡à¤® खींचा जाà¤, तो शिशॠके नाक की अंदरà¥à¤¨à¥€ परत में असहजता पैदा हो सकती है। इसलिà¤, बेहतर है कि इसे बार-बार न किया जाà¤à¥¤ अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें कि सैलाइन डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥à¤¸ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कितनी बार और कितने दिनों तक करना है।
बंद नाक को खोलने वाले (डिकंजेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट) सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ तब तक नहीं करना चाहिठजब तक डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤¸à¤¾ करने के लिठन कहें।
4. अतिरिकà¥à¤¤ तरल (छह माह और इससे बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं कि हलà¥à¤•े गरà¥à¤® तरल पदारà¥à¤¥ आराम देते हैं और ये जà¥à¤•ाम के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚, जैसे कि दरà¥à¤¦, थकान, बंद नाक और बà¥à¤–ार में à¤à¥€ राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ पीने से पानी की कमी (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) से बचा जा सकता है, जो कि जà¥à¤•ाम में अकà¥à¤¸à¤° हो जाती है। साथ ही, यह बचà¥à¤šà¥‡ की नाक में जमे शà¥à¤²à¥‡à¤® को à¤à¥€ बाहर निकालता है और उसे पतला करता है।
पारंपरिक तौर पर सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होने पर माà¤à¤à¤‚ गरà¥à¤® तरल पदारà¥à¤¥ जैसे कि सूप, तà¥à¤²à¤¸à¥€ और अदरक की चाय, बेसन का शीरा, दाल का पानी और बहà¥à¤¤ कà¥à¤› देती हैं।
बहà¥à¤¤ सी माà¤à¤à¤‚ मानती है कि ठंडे तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ उतने ही असरदार होते है और शिशॠको राहत पहà¥à¤‚चाते हैं, खासकर गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में। आप फलों का ताजा जूस, नींबू पानी, फलों की सà¥à¤®à¥‚दी, लसà¥à¤¸à¥€ और जूस से बनी आइस लॉली à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को दे सकती हैं।
à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤
छह माह से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के अलावा कà¥à¤› न दें। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं को गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ अतिरिकà¥à¤¤ पानी की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होती। शिशॠकी पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ बà¥à¤à¤¾à¤¨à¥‡ और उसे जलनियोजित रखने के​ लिठबार-बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती रहें।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले और ठोस आहार खाने वाले शिशॠअतिरिकà¥à¤¤ पानी पी सकते हैं। शिशॠको फलों के रस या कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय न दें, खासकर ​यदि उसे दसà¥à¤¤ और उलà¥à¤Ÿà¥€ की वजह से निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण हो रहा है तो।
5. शहद (12 महीने और इससे बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
शहद गले को तर करता है और राहत पहà¥à¤‚चाता है, और साथ ही यह खांसी को काबू करने में à¤à¥€ मददगार है। पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं कि खांसी से राहत में शहद काफी असरकारक हो सकता है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रातà¤à¤° अचà¥à¤›à¥€ नींद ले पाने में मदद कर सकता है। यह उपचार आजमाने के लिठआपके बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° कम से कम à¤à¤• साल होनी चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤› लोग गरà¥à¤® पानी में शहद मिला लेते हैं और उसमें थोड़ा नींबू का रस डालकर बचà¥à¤šà¥‡ को देते हैं। इस तरह शहद से खांसी में आराम मिलेगा, साथ ही थोड़ा विटामिन सी à¤à¥€ मिल जाता है। जà¥à¤•ाम और खासकर गले में खराश का à¤à¤• अनà¥à¤¯ घरेलू उपचार यह à¤à¥€ है कि शहद को अदरक के रस और जरा सी काली मिरà¥à¤š के साथ लिया जाà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शहद चिपचिपा और मीठा होता है, इसलिठजरà¥à¤°à¥€ है कि इसे लेने के बाद बचà¥à¤šà¤¾ अपने दांतों को बà¥à¤°à¤¶ करे, खासकर यदि वह इसे रात को लेता है तो।
आपके इलाके के मौसम को देखते हà¥à¤ शहद फà¥à¤°à¤¿à¤œ की बजाय बाहर रखे रहने पर à¤à¥€ जम सकता है। इसे पिघलाने के लिठचमà¥à¤®à¤š से थोड़ा पानी उबाल लें और शहद की शीशी को पांच से 10 मिनट के लिठगरà¥à¤® पानी में रख दें। इससे शहद पिघल जाà¤à¤—ा।
à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤
बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• साल का होने से पहले शहद न दें। यह शिशॠमें इनफैंट बॉटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® नामक दà¥à¤°à¥à¤²à¤ पर कई बार जानलेवा बीमारी पैदा कर सकता है।
6. सिर को ऊंचा करके लिटाना (सà¤à¥€ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
सिर ऊंचा करके सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से शिशॠको सांस लेने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसानी रहती है। आप शिशॠके गदà¥à¤¦à¥‡ के नीचे तौलिये या तकिये लगाकर सिराहना ऊंचा उठा सकती हैं।
अगर आपका शिशॠकॉट (शिशॠका अलग बिसà¥à¤¤à¤°) में सोता है, तो तौलिया या कोई पतला तकिया कॉट और गदà¥à¤¦à¥‡ के बीच मे लगा दें। कॉट के पैरों के नीचे ईंटें या कोई बोरà¥à¤¡ लगाकर उठाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे कॉट ​असà¥à¤¥à¤¿à¤° हो सकती है।
अगर, आपके शिशॠकी उमà¥à¤° à¤à¤• साल से अधिक है और वह बड़े पलंग पर सोता है, तो उसके सिर के नीचे à¤à¤• अतिरिकà¥à¤¤ तकिया लगाने से उसका सिर ऊंचा उठाया जा सकता है।
मगर, यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ सोते हà¥à¤ पलटी या करवट लेता रहता है, तो बेहतर है कि गदà¥à¤¦à¥‡ के नीचे ही तकिया रखकर ऊंचा उठाया जाà¤à¥¤ सिर के नीचे लगाठअतिरिकà¥à¤¤ तकिये की बजाय, गदà¥à¤¦à¥‡ के नीचे तकिया रखने से à¤à¤• समान व आरामदायक ढलान बनती है।
à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि कॉट या पलंग पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तकिये न लगाà¤à¤‚। अपने शिशॠशिशॠपर नजर जरà¥à¤° रखें। अगर, आपका शिशॠसोते समय काफी हिलता-ढà¥à¤²à¤¤à¤¾ है, तो हो सकता है वह उलà¥à¤Ÿà¤¾ होकर तकिये पर अपने पैर रख ले और उसका सिर नीचा हो जाà¤à¥¤ इससे तकिया लगाने का अरà¥à¤¥ नहीं रह जाà¤à¤—ा।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं के लिठतकिया लगाने की सलाह नहीं दी जाती है। किसी à¤à¥€ तरह का तकिया, मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® चीज या ढीली-ढाले बिसà¥à¤¤à¤° शिशॠके वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में बाधा मन सकते हैं और इनसे दम घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ का खतरा रहता है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सडन इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (सिडà¥à¤¸) यानि कॉट डेथ के नाम से à¤à¥€ जोड़ा जाता है।
7. वेपर रब (दो साल और इससे बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
वेपर रब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रात में अचà¥à¤›à¥€ नींद आने में मदद कर सकते हैं। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ बताते हैं कि वेपर रब में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का वासà¥à¤¤à¤µ में बंद नाक पर कोई असर नहीं होता। मगर ये नाक में ठंडक का अहसास उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सांस लेना आसान बनाते हैं, जिससे सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से परेशान वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को राहत मिलती है।
वेपर रब को बचà¥à¤šà¥‡ की छाती, गरà¥à¤¦à¤¨ और पीठपर मलें।
हालांकि, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि अधिकांश डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशà¥à¤“ं के लिठवेपर रब के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की सलाह नहीं देते, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे जलन पैदा हो सकती है और शिशà¥à¤“ं को असहजता महसूस होती है।
मगर यदि आप अपने शिशॠको वेपर रब लगाना चाहती हैं, तो पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको à¤à¤¸à¥‡ वेपर रब उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ के बारे में बता सकते हैं, जो कि विशेषकर छोटे शिशà¥à¤“ं के लिठबने होते हैं। इनमें पैटà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤Ÿà¤®, तेल और नीलगिरी होती है (मगर कपूर या पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ का सतà¥à¤¤ नहीं होता)।
अगर आप पैटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® या पाराबेन से मà¥à¤•à¥à¤¤ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहती हैं, तो आप पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक वेपर बाम को à¤à¥€ आजमा सकती हैं। ये आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दà¥à¤•ानों पर या आॅनलाइन उपलबà¥à¤§ हैं। ये बाम विशेषत: à¤à¤²à¥‹, जड़ी-बूटियों, तेलों और à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल आयॅल से बनी होती हैं। इसके बावजूद किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछने के बाद ही करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तीकà¥à¤·à¥à¤£ गंध वाले कà¥à¤› उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ सांस संबंधी दिकà¥à¤•त पैदा कर सकते हैं।
à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤
बचà¥à¤šà¥‡ को वेपर रब लगाने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें। जब डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसे लगाने की मंजूरी दे दें, तो उनके बताठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें। वेपर रब बचà¥à¤šà¥‡ के चेहरे पर मà¥à¤‚ह, नाक, नथà¥à¤¨à¥‹à¤‚ के अंदर या आंखों के आसपास कहीं à¤à¥€ न लगाà¤à¥¤ इसे केवल छाती और पीठपर लगाà¤à¤‚। साथ ही, इसे फटी या संवेदनशील तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर à¤à¥€ न लगाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ में जलन हो सकती है।
8. नाक छिनकना (दो साल और इससे बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
नाक से शà¥à¤²à¥‡à¤® साफ करने से बचà¥à¤šà¥‡ को सांस लेने में आसानी होती है और वह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम से सो सकता है। सामानà¥à¤¯à¤¤:, इससे उसे काफी राहत महसूस होती है। बहà¥à¤¤ से बचà¥à¤šà¥‡ चार साल की उमà¥à¤° से पहले नाक छिनकने का तरीका नहीं सीख पाते, वहीं कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ दो साल की उमà¥à¤° में ही यह कर लते हैं।
शिशॠको नाक छिनकना सिखाने के बारे में कà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ:
शिशॠको पहले आप नाक छिनक कर दिखाà¤à¤‚, और उसे आपकी नकल करने के लिठकहें। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ इस तरह केवल दूसरे को देखकर ही नाक छिनकना सीख लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को समà¤à¤¾à¤à¤‚ कि नाक छिनकने का मतलब गंध को सूंघने की बजाय उसे बाहर निकालना है।
बचà¥à¤šà¥‡ का à¤à¤• नथà¥à¤¨à¤¾ बंद करवाà¤à¤‚ और दूसरी तरफ से हलà¥à¤•े से छिनकने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कराà¤à¤‚। नाक के नीचे आइना या टिशà¥à¤¯à¥‚ का à¤à¤• छोटा टà¥à¤•ड़ा लगाने से, वह अपनी सांस का पता लगा सकेगा।
उसे सिखाà¤à¤‚ कि वह धीरे व आराम से नाक छिनके। तेजी से छिनकने पर उसके कानों में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
अगर आप चाहें तो अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खास बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठबनाठगठटिशà¥à¤¯à¥‚ का à¤à¤• छोटा पैकेट दे सकते हैं। शिशॠको सिखाà¤à¤‚ कि इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठगठटिशà¥à¤¯à¥‚ को कचरा पातà¥à¤° या डसà¥à¤Ÿà¤¬à¤¿à¤¨ में किस तरह डालना है। नाक छिनकने के बाद वह अपना हाथ अवशà¥à¤¯ धोà¤à¥¤
अगर आप रà¥à¤®à¤¾à¤² का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रहे हैं, तो उसे सिखाà¤à¤‚ कि किस तरह इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठगठहिसà¥à¤¸à¥‡ को मोड़कर हर बार छिनकने के लिठअलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‡ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करे। इसके बावजूद à¤à¥€ यह जरà¥à¤°à¥€ है कि हर बार नाक छिनकने के बाद वह अपने हाथ अवशà¥à¤¯ धोà¤, ताकि इनफेकà¥à¤¶à¤¨ को फैलने से रोका जा सके।
अगर, बार-बार नाक छिनकने और पौंछने से बचà¥à¤šà¥‡ की नाक संवेदनशील या छिल सी गई है, तो आप उसके नथà¥à¤¨à¥‹à¤‚ के बाहरी किनारों पर पैटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® जैली या फिर शिशॠके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ कोई अनà¥à¤¯ लेप लगा सकती है।
à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤
बेहतर है कि डिसà¥à¤ªà¥‹à¤œà¥‡â€‹à¤¬à¤² टिशà¥à¤¯à¥‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाà¤, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आसानी से ढकà¥à¤•न वाले कचरापातà¥à¤° में डाला जा सके।
अगर आप रà¥à¤®à¤¾à¤² का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रहे हैं, तो बचà¥à¤šà¥‡ को सिखाà¤à¤‚ कि किस तरह इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठगठहिसà¥à¤¸à¥‡ को मोड़कर हर बार छिनकने के लिठअलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‡ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करे। आपके गंदे रà¥à¤®à¤¾à¤² को समय-समय पर बदलना व धोना à¤à¥€ होगा।
साथ ही, शिशॠको सिखाà¤à¤‚ कि वह इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठगठरà¥à¤®à¤¾à¤² को à¤à¤• अलग ढकà¥à¤•न वाली छोटी बालà¥à¤Ÿà¥€ में डाल सकता है। इसके बावजूद à¤à¥€ यह जरà¥à¤°à¥€ है कि हर बार नाक छिनकने के बाद वह अपने हाथ अवशà¥à¤¯ धोà¤, ताकि इनफेकà¥à¤¶à¤¨ को फैलने से रोका जा सके।
9. नेती पातà¥à¤° या जल नेती पातà¥à¤° (चार साल और इससे बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
नेती पातà¥à¤° के जरिये नथà¥à¤¨à¥‹à¤‚ से हलà¥à¤•ा सैलाइन घोल अंदर डालता है। यह नथà¥à¤¨à¥‹à¤‚ को मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œ करता है और शà¥à¤²à¥‡à¤® को पतला, ढीला करके उसे बाहर निकाल देता है।
योग में नाक साफ करने की यह à¤à¤• लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ तकनीक है, जिसे जल नेती à¤à¥€ कहा जाता है। इसका अरà¥à¤¥ होता है पानी से साफ करना। कà¥à¤› शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने पाया है कि सैलाइन वाटर से नाक धोने से जà¥à¤•ाम के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में राहत मिलती है।
नेती पातà¥à¤°, पौधों में पानी देने वाली कैन या चाय की केतली (टीपॉट) की तरह दिखता है। यह विशेषकर चीनी मिटà¥à¤Ÿà¥€ या धातॠका बना होता है। नेती पातà¥à¤° आमतौर पर दवाई की दà¥à¤•ानों, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दà¥à¤•ानों या आॅनलाइन मिल जाते हैं।
पातà¥à¤° में हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® सैलाइन वाटर à¤à¤°à¥‡à¤‚। सिंक के ऊपर बचà¥à¤šà¥‡ का सिर à¤à¤• साइड की ओर मोड़ें और ऊपर वाले नथà¥à¤¨à¥‡ में पातà¥à¤° की टोंटी (सà¥à¤ªà¤¾à¤‰à¤Ÿ) रखें। पानी हलà¥à¤•े से ऊपर वाले नथà¥à¤¨à¥‡ से होकर दूसरे नथà¥à¤¨à¥‡ से बाहर आ जाà¤à¤—ा। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान शिशॠको मà¥à¤‚ह से सांस लेने के लिठकहें।
इसके लिठथोड़े अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की जरà¥à¤°à¤¤ होती है, मगर à¤à¤• बार सीख जाने पर यह काफी आसान होता है। à¤à¤• तरफ से करने के बाद दूसरे नथà¥à¤¨à¥‡ में à¤à¥€ यही कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दोहराà¤à¤‚।
अगर, आप यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ किसी पेशेवर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से सीखना चाहते हैं, तो बहà¥à¤¤ से योग पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• जल नेती सिखा सकते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ को नेती पातà¥à¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सिखाने से पहले आप खà¥à¤¦ अपने ऊपर इसका अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें। बचà¥à¤šà¥‡ को आपको देखकर सीखने दें। अगर, वह इसे आजमाने के लिठतैयार हो जाता है, तो इसमें उसकी मदद करें।
आपको इसमें शिशॠका सहयोग चाहिठहोगा। नेती पातà¥à¤° के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में दरà¥à¤¦ नहीं होता, मगर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में यह काफी अजीब सा लगता है। यह निसà¥à¤¸à¤‚देह शिशà¥à¤“ं और थोड़े बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनहीं है। वहीं, बड़े बचà¥à¤šà¥‡ (और वयसà¥à¤•) इसे शायद न करना चाहें।
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अगर शिशॠयह न करना चाहे, तो इसके लिठउसके साथ जबरदसà¥à¤¤à¥€ न करें। यह बहà¥à¤¤ सौमà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होनी चाहिà¤, वरना शिशॠइससे परेशान हो सकता है और उसकी नाक का मारà¥à¤— कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकता है।
10. नमक के पानी से गरारे (चार साल और इससे बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
नमक के पानी से गरारे करना दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में गले की खराश से राहत का परंपरागत तरीका है। यह गले से शà¥à¤²à¥‡à¤® निकालने में à¤à¥€ मदद करता है। जहां वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• यह पता नहीं लगा पाà¤à¤‚ है कि यह तरीका वासà¥à¤¤à¤µ में इतना सफल कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है, वहीं अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं कि यह उपचार काफी असरकारक है।
यह काफी सरल उपचार है। à¤à¤• गिलास हलà¥à¤•े गरà¥à¤® पानी में आधी छोटी चमà¥à¤®à¤š नमक डालकर मिला लें। अगर, आपके शिशॠको सà¥à¤µà¤¾à¤¦ से फरà¥à¤• न पड़े, तो आप इसमें ताजे नींबू का थोड़ा रस à¤à¥€ मिला सकती हैं।
आपका बचà¥à¤šà¤¾ इतना बड़ा होना चाहिà¤, कि वह गरारे करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को समठसके। इसका अरà¥à¤¥ आमतौर पर यह है कि बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤•ूल जाने की उमà¥à¤° का हो या उससे à¤à¥€ बड़ा। मगर, कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ यह जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¥€ सीख लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को गरारे करना सिखाने के कà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ:
पहले सादे पानी से अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कराà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ को अपना सिर ऊंचा उठाने और पानी को निगले बिना गले में पीछे की तरफ रखने के लिठकहें।
जब वह à¤à¤¸à¤¾ आराम से करने लगे, तो उसे गले से आवाजें निकालने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने को कहें। उसे खà¥à¤¦ करके बताà¤à¤‚ कि यह कैसे किया जाता है।
उसे बताà¤à¤‚ कि पानी को निगलने की बजाय बाहर उगल दिया जाà¤à¥¤
शिशॠजब बीमार हो, तो दिन में तीन से चार बार गरारे करवाà¤à¤‚।
à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤
हमेशा पहले पानी का तापमान जांच लें, खासकर यदि आपने पानी माइकà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤µ में गरà¥à¤® किया हो तो। कप बाहर से ठंडा लग सगता है, मगर हो सकता है अंदर पानी गरà¥à¤® हो। गरारे करने के लिठहमेशा फिलà¥à¤Ÿà¤° किया हà¥à¤† गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
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